Top Bhojpuri Blockbusters: भोजपुरी इंडस्ट्री (Bhojpuri Industry) जितनी आज सोशल मीडिया पर ट्रेंड करती है, उसका इतिहास (History) भी उतना ही शानदार रहा है। एक दौर था जब थिएटर में भोजपुरी फिल्मों की टिकटें ब्लैक होती थीं। हर साल सैकड़ों फिल्में बनती हैं, लेकिन कुछ ऐसी फिल्में हैं जिनकी चर्चा आज भी हर भोजपुरी फैन की जुबान पर रहती है।
‘ससुरा बड़ा पैसावाला’ ने रचा इतिहास
2003 में रिलीज हुई ससुरा बड़ा पैसावाला (Sasura Bada Paisawala) ने भोजपुरी सिनेमा की दिशा ही बदल दी। मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) और रानी चटर्जी (Rani Chatterjee) स्टारर इस फिल्म का निर्देशन अजय सिन्हा ने किया था। महज 30 लाख रुपये के बजट में बनी यह फिल्म 35 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर गई। उस समय न कोई बड़ा स्टारकास्ट था और न ही भारी-भरकम प्रचार। इसके बावजूद इस फिल्म ने यह साबित कर दिया कि कंटेंट ही असली किंग है।
‘गंगा’ से चमका भोजपुरी का ग्लैमर
इसके बाद आई ‘गंगा’ (Ganga Movie) जिसने इस इंडस्ट्री की पहचान ही बदल दी। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan), हेमा मालिनी (Hema Malini), मनोज तिवारी और रवि किशन (Ravi Kishan) जैसे बड़े नाम एक साथ नजर आए। अभिषेक चड्ढा के निर्देशन में बनी यह फिल्म एक मेगा ब्लॉकबस्टर थी। फिल्म गंगा ने दिखा दिया कि भोजपुरी अब सिर्फ गांव-देहात की भाषा नहीं बल्कि इसका दर्शक वर्ग शहरों और विदेशों तक फैल चुका है।
मनोज तिवारी, रवि किशन या दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ हों, ये सभी भोजपुरी सिनेमा के ऐसे नाम हैं जिन्होंने इस इंडस्ट्री को नई पहचान दी। आज ये चेहरे टीवी और बॉलीवुड सिनेमा में भी दिखते हैं, लेकिन असली पहचान इन्हें भोजपुरी सिनेमा से ही मिली।
यूट्यूब से फिर बना क्रेज
हालांकि आज के दौर में भोजपुरी फिल्में थिएटर से ज्यादा यूट्यूब (YouTube) पर वायरल होती हैं। कई पुरानी फिल्में आज भी यूट्यूब पर करोड़ों व्यूज़ पा रही हैं। इससे यह साबित होता है कि इन फिल्मों की पकड़ केवल टिकट खिड़की तक नहीं बल्कि डिजिटल दुनिया में भी मजबूत है।
भोजपुरी फिल्मों का खास पहलू यह रहा है कि ये कम बजट में बनती हैं लेकिन मुनाफा कई गुना ज्यादा होता है। यही वजह है कि नए प्रोड्यूसर्स भी इस इंडस्ट्री में निवेश करने से पीछे नहीं हटते।
Top Bhojpuri Blockbusters
ससुरा बड़ा पैसावाला और गंगा जैसी फिल्मों की चर्चा आज भी होती है। ये फिल्में सिर्फ हिट नहीं थीं बल्कि इन्होंने भोजपुरी इंडस्ट्री को वो पहचान दिलाई जो पहले कभी नहीं मिली थी।