भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह ने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर इंडस्ट्री में जो मुकाम हासिल किया है। लेकिन उनके करियर की तरह ही उनका निजी जीवन भी सुर्खियों में रहा है। उनकी जिंदगी में नीलम सिंह और अक्षरा सिंह से जुड़े विवादों ने हमेशा चर्चा बटोरी। आइए जानते हैं उनके संघर्ष, विवाद और सफलता की पूरी कहानी।
बचपन से सुपरस्टार बनने तक का सफर
पवन सिंह का जन्म 6 मार्च 1986 को बिहार के आरा जिले के जोकहरी गांव में हुआ था। बचपन से ही संगीत में रुचि रखने वाले पवन सिंह ने अपनी मेहनत से भोजपुरी इंडस्ट्री में नाम कमाया। उनका गाना “लॉलीपॉप लागेलू” भोजपुरी म्यूजिक इंडस्ट्री का एवरग्रीन हिट बन गया और उन्हें इंटरनेशनल पहचान भी दिलाई।
संगीत और फिल्मों में सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद पवन सिंह ने 2014 में नीलम सिंह से शादी की। शादी के कुछ महीनों बाद ही 2015 में नीलम ने आत्महत्या कर ली जिससे पूरी इंडस्ट्री में सनसनी फैल गई। इस घटना के बाद पवन सिंह पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगे लेकिन वह इस मुश्किल दौर से उबरकर अपने करियर पर फोकस करते रहे।
अक्षरा सिंह से रिश्ता और विवाद
नीलम की मौत के बाद पवन सिंह और भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह के बीच नजदीकियां बढ़ीं। दोनों की जोड़ी पर्दे पर सुपरहिट रही लेकिन निजी जीवन में यह रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चला।
अक्षरा सिंह ने पवन सिंह पर शारीरिक और मानसिक शोषण का आरोप लगाया और यह मामला काफी चर्चा में रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि पवन सिंह ने उनके करियर को बर्बाद करने की कोशिश की।
2018 में पवन सिंह ने ज्योति सिंह से दूसरी शादी की लेकिन यह रिश्ता भी विवादों से घिरा रहा। 2022 में पवन सिंह ने पत्नी ज्योति से तलाक की अर्जी दी जिससे फिर से उनके निजी जीवन की चर्चा शुरू हो गई।
राजनीति में एंट्री और नया मोड़
अपने करियर के चरम पर रहते हुए पवन सिंह ने राजनीति में भी कदम रखा। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल किया। इस चुनाव में हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
